रायपुर। छत्तीसगढ़ में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों का सामूहिक अवकाश आंदोलन समाप्त हो गया है। सरगुजा जिले के मैनपाट स्थित राजापुर उप तहसील में नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ हुई कथित मारपीट की घटना के विरोध में शुरू हुआ यह आंदोलन शासन से हुई चर्चा और पुलिस कार्रवाई में प्रगति के बाद वापस ले लिया गया है। इसके साथ ही प्रदेशभर में प्रभावित राजस्व सेवाएं फिर से बहाल हो जाएंगी।
जानकारी के अनुसार, एक जून से प्रदेश के करीब 500 तहसीलदार और नायब तहसीलदार सामूहिक अवकाश पर थे। आंदोलन के चलते जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, भूमि नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन सहित कई महत्वपूर्ण राजस्व कार्य प्रभावित हुए थे। अब आंदोलन समाप्त होने के बाद सभी अधिकारी अपने कार्यों पर लौट आए हैं।
आंदोलन की शुरुआत राजापुर उप तहसील में शासकीय कार्य के दौरान नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार की घटना के विरोध में हुई थी। राजस्व अधिकारियों ने दोषियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग को लेकर सामूहिक अवकाश लिया था।
छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ और शासन के बीच हुई बैठक में अधिकारियों की सुरक्षा, संसाधनों की उपलब्धता और लंबित प्रशासनिक समस्याओं पर चर्चा हुई। शासन की ओर से मामले में त्वरित कार्रवाई और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया।
इस बीच सीतापुर थाना पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार दो नामजद आरोपियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है, जबकि अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है।
आंदोलन समाप्त होने के बाद 4 जून 2026 से प्रदेश के सभी तहसील कार्यालयों में सामान्य कामकाज शुरू हो गया है। इससे आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद है और लंबित राजस्व मामलों का निपटारा तेजी से हो सकेगा।






