--विज्ञापन हेतु संपर्क करे 9303124240--

Raipur News: EWS आवास छोड़ लौट रहे नकटी गांव के परिवार, जबरन वीडियो बनवाने का आरोप

On: July 3, 2026 5:38 PM
हमें फॉलो करें:
Nakti village families leaving EWS housing in Raipur
--विज्ञापन यहां--

Whatsapp Channel

Join Now

Telegram Group

Join Now

रायपुर। राजधानी रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रशासन की ओर से नए रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस (EWS) आवास में शिफ्ट किए गए कई परिवार अब सुविधाओं की कमी का हवाला देते हुए वापस गांव लौट रहे हैं। इस बीच कुछ प्रभावितों ने प्रशासन पर दबाव बनाकर सकारात्मक वीडियो रिकॉर्ड कराने का आरोप भी लगाया है।

EWS आवास छोड़ वापस लौट रहे परिवार

प्रभावित परिवारों का कहना है कि आवंटित फ्लैट छोटे हैं और बड़े संयुक्त परिवारों के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इसके अलावा बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण वहां रहना मुश्किल हो रहा है। कई परिवारों ने अपना सामान वापस गांव ले जाना शुरू कर दिया है।

वीडियो बनवाने को लेकर लगाए आरोप

कुछ प्रभावितों का आरोप है कि अधिकारियों ने उनसे कैमरे के सामने आवास की सुविधाओं की तारीफ करने के लिए दबाव बनाया। उनका कहना है कि वास्तविक स्थिति वीडियो में दिखाई गई तस्वीर से अलग है। प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

पानी और अन्य सुविधाओं की शिकायत

परिवारों का कहना है कि ईडब्ल्यूएस आवास परिसर में पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। निर्धारित समय पर ही पानी उपलब्ध होता है और पीने का पानी दूर स्थित बोरवेल से लाना पड़ता है। कई लोगों ने तीसरी मंजिल तक पानी पहुंचाने में होने वाली परेशानी भी बताई।

गांव लौटने की मजबूरी

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में उनके मवेशी, खेती और अन्य जिम्मेदारियां हैं, जिन्हें छोड़कर लंबे समय तक दूसरे स्थान पर रहना संभव नहीं है। कई परिवारों ने कहा कि यदि स्थायी और सुविधायुक्त व्यवस्था नहीं मिलती है तो वे अपने पुराने स्थान पर ही तंबू लगाकर रहने को मजबूर होंगे।

हाउसिंग बोर्ड ने रखा अपना पक्ष

विवाद के बीच हाउसिंग बोर्ड ने दावा किया है कि संबंधित सरकारी भूमि पर वर्षों से अतिक्रमण था। बोर्ड के अनुसार वर्ष 2020 से भूमि संबंधी प्रक्रिया शुरू की गई थी और बाद के वर्षों में बड़े पैमाने पर पक्के निर्माण किए गए। बोर्ड ने इस संबंध में राजस्व अभिलेखों और कार्रवाई की समय-रेखा भी सार्वजनिक की है।

व्हाट्सएप से जुड़ें

अभी जुड़ें

टेलीग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें

इंस्टाग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें