दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से बुधवार को एक चिंताजनक खबर सामने आई है। दुनिया के सबसे घातक वायरसों में शामिल इबोला वायरस को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। कांगो, इथोपिया और युगांडा से आए तीन लोगों को इबोला संक्रमण का संदिग्ध माना जा रहा है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निगरानी बढ़ा दी है।
दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP) से सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग को तीनों संदिग्धों की पहचान कर उन्हें होम आइसोलेशन में रखने के निर्देश दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार इथोपिया और युगांडा से आए दो व्यक्ति अलग-अलग एयरपोर्ट के माध्यम से सीधे दुर्ग पहुंचे, जबकि कांगो से आया एक व्यक्ति पहले मुंबई में रुका और बाद में दुर्ग पहुंचा।
प्रदेश में इबोला वायरस से जुड़े संदिग्धों का यह पहला मामला माना जा रहा है, जिसके चलते प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। हालांकि कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि फिलहाल तीनों व्यक्तियों की स्वास्थ्य स्थिति सामान्य है और घबराने की आवश्यकता नहीं है।
क्या है इबोला वायरस?
इबोला वायरस एक अत्यंत संक्रामक और जानलेवा बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के खून, पसीने या अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क में आने से फैलती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार इस बीमारी में मृत्यु दर 50 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक हो सकती है।
इबोला के प्रमुख लक्षण:
• अचानक तेज बुखार
• अत्यधिक कमजोरी
• मांसपेशियों में दर्द
• सिरदर्द
• गले में खराश
• गंभीर मामलों में आंतरिक और बाहरी रक्तस्राव






