रायपुर। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार केरल में दस्तक दे दी है। तीन दिनों की देरी के बाद मानसून के प्रवेश से देशभर में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि यह तय समय के अनुसार 16 जून तक छत्तीसगढ़ पहुंच सकता है।
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून बंगाल की खाड़ी, लक्षद्वीप, अरब सागर, केरल, कर्नाटक के कुछ क्षेत्रों, माहे, कोमोरिन क्षेत्र और तमिलनाडु के कई हिस्सों तक सक्रिय हो चुका है। इसके अलावा तटीय आंध्रप्रदेश और तेलंगाना के ऊपर लगभग 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला एक चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस सिस्टम के प्रभाव से आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर वज्रपात और तेज आंधी चलने की भी संभावना जताई गई है।
मानसून के आगमन से पहले प्रदेश में गर्मी का असर अभी भी बरकरार है। गुरुवार को राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। वहीं राजनांदगांव में भी तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
दूसरी ओर अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। वहीं मैनपाट, अंबिकापुर और छोटे डोंगर में एक-एक सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग ने रायपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार को हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। हालांकि अगले दो से तीन दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं। इसके बावजूद लू जैसी स्थिति समाप्त होने की संभावना है और धीरे-धीरे गर्मी का प्रभाव कम हो सकता है।






