रायपुर। राजधानी रायपुर में निर्माणाधीन स्काईवॉक को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। निर्माण कार्य में कथित तकनीकी खामियों, घटिया सामग्री के उपयोग और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल और असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा के पास प्रदर्शन कर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तख्तियां लेकर स्काईवॉक निर्माण में अनियमितताओं और आम जनता की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाया। साथ ही शासन और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
कांग्रेस प्रदेश महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने आरोप लगाया कि स्काईवॉक परियोजना पहले अनुपयोगी साबित हो रही थी, लेकिन अब यह लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में निम्न गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, जिसके कारण संरचना में तकनीकी खामियां दिखाई दे रही हैं। उनका दावा है कि तेज हवा चलने पर संरचना में कंपन महसूस होता है और लंबे समय तक खुले में रहने से लोहे के हिस्सों में जंग लग चुकी है। साथ ही भारी नट-बोल्ट नीचे गिरने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं, जिससे राहगीरों को खतरा बना हुआ है।
प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक ने कहा कि मामले को लेकर जल्द ही उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग मंत्री अरुण साव को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस मंत्री आवास का घेराव करेगी।
कांग्रेस ने मांग की है कि स्काईवॉक निर्माण की जांच किसी स्वतंत्र और निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए। पार्टी ने यह भी कहा कि यदि जनता की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।






