रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार कई जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज बारिश की संभावना है। लगातार हो रही बारिश से कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित होने लगा है।
सूरजपुर में तेज बहाव में बहा रपटा पुल
लगातार बारिश के कारण सूरजपुर जिले की गोबरी नदी पर बना रपटा पुल तेज बहाव में क्षतिग्रस्त हो गया। इसके चलते डबरीपारा, बासापारा और शिवप्रसाद नगर सहित कई गांवों का जिला मुख्यालय और नेशनल हाईवे-43 से संपर्क टूट गया। ग्रामीणों का दावा है कि यह पुल करीब एक माह पहले ही बनाया गया था।
मुंगेली में 20 गांवों का संपर्क कटा
मुंगेली जिले में लगातार दो दिनों की बारिश के कारण मनियारी और आगर नदी उफान पर हैं। मनियारी नदी पर स्थित कारीडोंगरी पुल जलमग्न हो गया, जिससे लोरमी क्षेत्र के करीब 20 गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर पुल पर आवागमन बंद कर दिया है और लोगों से नदी-नालों के पास नहीं जाने की अपील की है।
कई जिलों में जलभराव की स्थिति
बारिश के चलते जांजगीर-चांपा जिले के कर्रा नाला जलाशय का एक हिस्सा बह गया, जिसके बाद प्रशासन ने एहतियातन प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। वहीं बिलासपुर में लगातार बारिश के कारण नेशनल हाईवे-49 के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी रही और सड़क पर कई फीट तक पानी बहता नजर आया।
अगले 48 घंटे का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। साथ ही कई स्थानों पर गरज-चमक, तेज हवाएं और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
रायपुर में भी बारिश के आसार
राजधानी रायपुर में दिनभर बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है।
प्रदेश में सामान्य से कम बारिश
1 जून से 18 जुलाई तक प्रदेश में कुल 307.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य औसत का लगभग 81.8 प्रतिशत है। बिलासपुर संभाग में सबसे अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जबकि कुछ जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश हुई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों की बारिश खरीफ फसलों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।







