नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) अगले पांच वित्त वर्षों में 16.64 लाख करोड़ रुपये से अधिक के आंतरिक लेनदेन (Related Party Transactions) के लिए अपने शेयरधारकों से मंजूरी लेने जा रही है। यह लेनदेन मुख्य रूप से कंपनी के डिजिटल कारोबार से जुड़ी इकाइयों जियो प्लेटफॉर्म्स और रिलायंस जियो इन्फोकॉम के बीच होगा।
कंपनी द्वारा 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) के लिए जारी नोटिस में यह जानकारी दी गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की AGM 19 जून 2026 को आयोजित होगी।
रिलायंस रिटेल और जियो के बीच होगा सबसे बड़ा लेनदेन
प्रस्तावित लेनदेन में सबसे बड़ा हिस्सा रिलायंस रिटेल और रिलायंस जियो इन्फोकॉम के बीच होगा। कंपनी के अनुसार, 13 लाख करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन रिलायंस रिटेल द्वारा अपने नेटवर्क के माध्यम से बेची जाने वाली दूरसंचार सेवाओं के बदले रिलायंस जियो को भुगतान के रूप में किया जाएगा।
अगले पांच साल में बढ़ेगा कारोबार
नोटिस के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027-28 में आंतरिक लेनदेन की अनुमानित राशि 2.20 लाख करोड़ रुपये होगी। इसके बाद वित्त वर्ष 2028-29 से 2031-32 तक यह आंकड़ा हर साल लगभग 2.80 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
नेटवर्क विस्तार पर भी बड़ा निवेश
रिलायंस जियो द्वारा दूरसंचार नेटवर्क विस्तार के लिए इंजीनियरिंग, खरीद एवं निर्माण (EPC) सेवाओं के तहत 76,800 करोड़ रुपये के भुगतान का प्रस्ताव भी रखा गया है। यह राशि नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और विस्तार योजनाओं के लिए खर्च की जाएगी।
कंपनी ने क्या कहा?
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने स्पष्ट किया है कि यह कोई नया संबंधित पक्ष लेनदेन नहीं है। कंपनी के अनुसार, पहले से स्वीकृत व्यवस्थाओं को आगे जारी रखने के लिए नियामकीय आवश्यकताओं के तहत शेयरधारकों की मंजूरी मांगी जा रही है।





